अटल भूजल योजना
संस्था जनकल्याण परिषद द्वारा जनपद हमीरपुर में विकासखंड सुमेरपुर व मौदहा में विगत वर्ष 2020 से वर्तमान समय में भी संचालन किया जा रहा है जिसके मुख्य घटक निम्नवत है ।
जैसा कि सभी को ज्ञात है कि पूरी पृथ्वी पर मात्र तीन प्रतिशत जल ही पीने योग्य तथा 97 प्रतिशत सागरों, महासागरों, ग्लेशियरों, नदियों, झीलों व तालाबों में है, पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय यह है कि भूजल के स्तर का घटना पूरे मानव जाति के भविष्य के लिए और जीवित रहने के लिए भूजल स्तर को ऊपर उठाने के जागरुकता के कार्य किये जा रहे हैं ।
कम पानी वाली फसलों की पद्धति को अपनाये जाने हेतु जन समुदाय को जागरूक करना
जहां पर मिट्टी में नमी कम होती है वहां पर कम पानी वाली फसलें करनी चाहिए यह जन समुदाय को बताकर प्रशिक्षित किया जाता है जैसे लाल चना, ज्वार, बाजरा ,मक्का व अन्य दलहने (अरहर मूंग उड़द ) आदि फसले ही करनी चाहिए जिससे जल की बचत हो सके जिससे कि जल का संचयन हो ।
तालाबों का निर्माण
ग्राम पंचायत में अटल भूजल योजना के अंतर्गत तालाबों का निर्माण कराकर व बन्द तालाब का पुनर्निर्माण कर वर्षा जल का संरक्षण / संचयन किया जाता है जिससे वर्षा का जल तालाबों में इतना भर सके की जल का स्तर ऊपर उठ सके साथ ही ग्राम सभा के जानवरों को नहलाने में जमीन से निकाल कर जल का दोहन होता है उससे जल की बचत हो सके तथा जानवरों को तालाब के पानी से नहलाने व पीने में उपयोग हो सके साथ ही तालाबों के पानी से फसलों की सिंचाई की जा सके ।
चेक डैम का निर्माण
संस्था द्वारा अटल भूजल योजना के अंतर्गत जनपद हमीरपुर के ग्राम बड़ागांव जिसमें ऊंची नीची भूमि में पर्याप्त जल संरक्षण हेतु चेक डैम का निर्माण कराया गया है जिसमें चारों ओर से आने वाले वर्षा जल को चेक डैम में एकत्रित / संरक्षित किया गया है तथा चेक डैम निर्माण से भूजल स्तर को ऊपर लाया जाता है और चेक डैम के जल से ऊंचे नीचे खेतों में नवीन सिंचाई पद्धतियों का उपयोग कर अच्छी फसल का उत्पादन भी किया जाता है ।
नवीन सिंचाई पद्धतियों को अपनाना
अटल भूजल योजना अंतर्गत पानी की बचत हेतु नई सिंचाई पद्धतियों तथा ड्रिप स्प्रिंकलर का उपयोग कर सिंचाई पद्धतियां अपनाई जाती हैं इसमें सब्जियों हेतु ड्रिप स्प्रिंकलर तथा फसलों हेतु स्प्रिंकलर सिंचाई अपना कर जल की पर्याप्त बचत की जाती है तथा अधिक से अधिक फसलों का उत्पादन किया जाता है तथा भूजल स्तर को बढ़ाया जा सकता है |
फ्लो मीटर
इस योजना में सरकार स्वयंसेवी संस्था डीआईपी (DIP) के द्वारा ग्राम पंचायतों में किसानों के ट्यूबवेल पर फ्लो मीटर भी लगवाती है, जिससे यह पता चल सके कि कितने हेक्टेयर भूमि पर, कितना पानी और फसल पर कितना पानी प्रयोग किया जा रहा है।
खेतों में मेड़ बंदी करना
संस्था द्वारा अटल भूजल योजना अंतर्गत गांव का पानी गांव में तथा खेत का पानी खेत में रखने हेतु खेतों में मेड़ बंदी समय-समय पर कराई जाती है जिससे वर्षा का जल खेतों में रहे और भूमि रिचार्ज होती रहे तथा जल स्तर भी बढ़ता रहे तथा मेड़ बंदी होने से वर्षा जल खेतों से निकलकर नालियों के माध्यम से नदियों में जाने से रुके तथा मेड़ बंदी करने से ज्यादा जल खपत वाली फसलों का भी उत्पादन किया जाता है।
कुओं की सफाई तथा जियो टैगिंग
अटल भूजल योजना अंतर्गत जनपद हमीरपुर की आवंटित ग्राम पंचायतों में स्थित कुओं की गणना की गई थी तथा कुओं की साफ सफाई भी कराई गई है जिसमें कुओं के जल की गुणवत्ता बनी रहे तथा उस जल का प्रयोग निजी कार्यों में आ सके प्रत्येक कुओं की जियो टैगिंग भौगोलिक स्थिति का आकलन भी किया गया है जिससे वर्षा के पहले व वर्षा के बाद जल स्तर की गणना कर पता लगाया जाता है कि भूजल स्तर में कितनी बढ़ोतरी हुई है इस हेतु संस्था द्वारा ग्राम वासियों को कुओं की सफाई हेतु विशेष रूप से जागरूक किया जाता है।
रिचार्ज फिट
अटल भूजल योजना अंतर्गत जनपद हमीरपुर को आवंटित ग्राम सभाओं में प्रत्येक घर में दैनिक इस्तेमाल में आने वाले अपशिष्ट जल को घरों के आंगन में गड्ढा का निर्माण करा कर उसे एकत्रित किया जाता है जिससे भूमिगत जल का स्तर भी बढ़ता रहे तथा अपशिष्ट जल से घरों के आंगन में फुलवारी पौधों की सिंचाई भी हो सके ।
रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना
अटल भूजल योजना अंतर्गत जनपद हमीरपुर की आवंटित ग्राम पंचायतों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों / उच्चतर प्राथमिक विद्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं तथा ग्राम वासियों को भी अपने-अपने घरों में भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है जिससे वर्षा के जल को संरक्षित कर उसे भूमि के अंदर किया जाता है जिससे भूजल स्तर की बढ़ोतरी हो सके ।

